Krishna Shayari in Hindi | Radha Krishna Shayari 2026

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भगवान श्रीकृष्ण प्रेम, भक्ति और जीवन के सार हैं। उनकी बांसुरी की धुन में वो जादू है जो हर दिल को छू जाता है। यहाँ पेश हैं 2026 की सबसे सुंदर Krishna Shayari in Hindi — राधा-कृष्ण शायरी, जन्माष्टमी शुभकामनाएं और कान्हा भक्ति स्टेटस, जिन्हें आप अपनों के साथ शेयर कर सकते हैं।

मुरली की धुन पर नाचे गोपियां, राधा के संग रास रचाए,
कान्हा की महिमा अपरंपार, जो ध्यावे सो पार पाए।

हे कान्हा तेरी लीला न्यारी, तू ही पालनहार तू ही बनवारी,
जो तेरे चरणों में शीश नवाए, उसकी बिगड़ी बात संवर जाए।

राधा का श्याम, मीरा का मोहन, गोपियों का प्यारा कान्हा,
जिसके हृदय में बसे कृष्ण, वो पाए जीवन का सच्चा अर्थ जाना।

बांसुरी बजैया, माखन चोर, गोकुल का राजा नंदकिशोर,
तेरी कृपा से ही चलता है, ये सारा जग का चोर।

कान्हा तेरे नाम की माला जपूं, तेरे चरणों में ध्यान लगाऊं,
दुख-सुख सब तुझको अर्पण, तेरी भक्ति में जीवन बिताऊं।

राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी,
जो राधा नाम लेता है, उसकी बनती बिगड़ी सवारी।

मोर मुकुट पीतांबर सोहे, मुरली अधरों पर साजे,
नंदलाल के दर्श को तरसे, ये नैना कब से प्याजे।

हे गोविंद हे गोपाला, हे दीनदयाल कृपाला,
तेरे बिना सूना लागे, ये जीवन का हर उजाला।

कृष्णा तेरी याद में आंसू बहाऊं, तेरे नाम की ज्योति जलाऊं,
जन्म-जन्म का साथी तू मेरा, तेरे द्वार पे शीश नवाऊं।

वृंदावन की गलियों में, राधा-कृष्ण का बसेरा,
जो प्रेम करे सच्चे मन से, उसका हो जाए सवेरा।

माखन चुराने वाला, दिलों को चुराने वाला,
कान्हा तेरा नाम ही काफी है, बिगड़ी बनाने वाला।

यमुना तट पर बंसी बजे, गोपियां दौड़ी आएं,
कृष्ण कन्हैया की महिमा, तीनों लोक में छाए।

राधा बिन अधूरे श्याम, श्याम बिन अधूरी राधा,
प्रेम का ये पावन बंधन, जग में सबसे ज्यादा।

हे कान्हा सुन लो अरज हमारी, भवसागर से पार उतारो,
दुखियों के दुख हरने वाले, सबकी बिगड़ी संवारो।

नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की,
गोकुल में बाजे बधाई, हाथी घोड़ा पालकी।

कृष्ण जन्माष्टमी आई, खुशियों की बहार लाई,
कान्हा के जन्म की धूम, हर घर-घर में छाई।

मटकी फोड़े नंदलाला, गोपियों का रखवाला,
दही-हांडी की धूम मचे, जय हो यशोदा के लाला।

तेरी मुरली की तान सुनकर, मन मेरा मगन हो जाए,
हे कान्हा तेरे दर्श को, ये नैना तरस जाए।

गीता का ज्ञान देने वाले, अर्जुन के सारथी,
हे कृष्ण तुम्हारी कृपा से, मिटे जीवन की हर व्याधि।

कर्म कर फल की चिंता मत कर, गीता का सार यही,
कृष्ण के बताए मार्ग पर, चलने में ही भलाई।

राधा के मनमोहन, रुक्मिणी के प्राण,
सत्यभामा के स्वामी, तुम हो सबके भगवान।

द्वारका के राजा, मथुरा के लाला,
तीनों लोक के स्वामी, यशोदा के लाला।

कान्हा की छवि मन में बसाऊं, प्रेम की गंगा बहाऊं,
राधा-कृष्ण के चरणों में, जीवन सफल बनाऊं।

हे मुरलीधर हे गिरधारी, हे नटनागर बनवारी,
तेरी शरण में आया हूं, कर दे कृपा हे मुरारी।

प्रेम दीवानी मीरा बाई, कृष्ण नाम की माला जपे,
विष का प्याला अमृत बने, जो कृष्ण प्रेम में डूबे।

गोपियों के संग रास रचैया, कंस का संहार करने वाला,
धर्म की रक्षा करने वाला, अर्जुन का सारथी मतवाला।

बरसाने की राधा प्यारी, नंदगांव के श्याम,
दोनों का प्रेम निराला, जग में ऊंचा नाम।

होली खेले रघुवीरा, अवध में होली खेले,
वृंदावन में कान्हा खेले, गोपियों के संग मेले।

कृष्णा तेरे भजनों में, मन मेरा रम जाए,
तेरे नाम की महिमा से, हर दुख मिट जाए।

यशोदा मैया का लाला, देवकी नंदन प्यारा,
वसुदेव के नंदन की, महिमा अपरंपारा।

गोकुल का ग्वाला, मथुरा का राजा,
द्वारका का स्वामी, सबका है साजा।

राधे कृष्णा राधे कृष्णा, जपो मन मेरे,
कट जाएंगे संकट सारे, बनेंगे काम घनेरे।

हे कान्हा तेरी कृपा से, जीवन सफल हो जाए,
तेरे चरणों की धूलि से, मन पावन हो जाए।

मुरली वाले की जय हो, गिरधारी की जय हो,
नंदलाल यशोदा नंदन की, सदा ही जय हो।

प्रेम का सागर कृष्ण, भक्ति का भंडार,
जो शरणागत हो जाए, उसका बेड़ा पार।

काली नाग नथैया, गोवर्धन उठैया,
कृष्ण कन्हैया की लीला, सबने देखी भैया।

राधा रानी की जय, महारानी की जय,
बरसाने वाली की, सदा ही जय हो।

वृंदावन धाम अपार, जपो राधे-राधे,
कृष्ण कृपा से मिट जाएं, जीवन के सारे बाधे।

हे गोपाल हे गोविंद, हे माधव हे मुकुंद,
तेरे नाम के स्मरण से, मिटे मन का हर द्वंद्व।

कान्हा के प्रेम में डूबी, गोपियां सब मतवाली,
मुरली की धुन पर नाचे, ब्रज की हर बाला निराली।

जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, कान्हा का आशीर्वाद पाए,
घर-घर खुशियां आएं, हर दिल मुस्कुराए।

श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा,
एक मात स्वामी सखा हमारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा।

राधा कृष्ण का प्रेम अमर है, युगों-युगों तक रहेगा,
जो सच्चे मन से ध्यावे, उसका बेड़ा पार लगेगा।

मोरपंख सिर पर सोहे, वैजयंती माला,
पीतांबर धारी कृष्ण की, छवि है निराली बाला।

हे कान्हा दया करो, भक्तों पर कृपा करो,
दुखियों के दुख हर लो, सबका कल्याण करो।

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